Monday, June 27, 2022

छत्तीसगढ़ : परिवार संग 3 दिन तक 100 किमी पैदल चली नाबालिग बच्ची, कुछ दूर था घर और तोड़ दिया दम

बीजापुर : कोरोनावायरस की वजह से देश भर में लॉकडाउन-2 लगा हुआ है. जब से लॉकडाउन लगा है, तभी से देश भर से ऐसी कई तसवीरें सामने आ चुकी हैं जो मजबूरों की बेबसी और जिजीविषा बयान करती हैं. ऐसी ही मज़बूरी की एक भयावह और मार्मिक तस्वीर छत्तीसगढ़ के बीजापुर से निकल कर सामने आई है. यहां 12 साल की एक नाबालिग बच्ची अपने परिवार का पेट भरने के लिए बीजापुर के आदेड गांव से रोजगार की तलाश में तेलंगाना के पेरूर गांव गयी हुई थी.

लॉकडाउन-2 के बाद वो अपने ही गांव के 11 लोगों के साथ पैदल ही जंगली रास्ते से होते हुए तेलंगाना से बीजापुर के लिए रवाना हुई. तेलंगाना के पेरूर गांव से अपने घर वापस आने के लिए 11 लोगों के साथ ये बच्ची भी निकली. लगातार 3 दिनों तक पैदल सफर कर छत्तीसगढ़ के बीजापुर के मोदकपाल इलाके में 12 साल की जमलो मडकामी पहुंची ही थी कि डिहाइड्रेशन के कारण इस मासूम बच्ची की मौ’त हो गयी. बच्ची की जहां मौ’त हुई वहां से उसका घर 14 किलोमीटर दूर था.

छत्तीसगढ़: 12 साल लड़की की मौत- बच्ची के माता-पिता

12 साल की जमलो मडकामी अपने ही गांव के कुछ लोगों के साथ रोजगार की तलाश में 2 महीने पहले मिर्ची तोड़ने तेलंगाना के पेरूर गांव गयी हुई थी. लॉकडाउन-2 लगने के बाद 16 अप्रैल को तेलंगाना से वापस बीजापुर के लिए ये मासूम बच्ची अपने साथियों के साथ पैदल ही रवाना हुई. तकरीबन 100 किमी का सफर पैदल ही तय कर 12 प्रवासी मजदूरों का ये दल 18 अप्रैल को बीजापुर के मोदकपाल तक ही पहुंच पाया था लेकिन घर से 14 किलोमीटर की दूरी पर ही बच्ची की मौ’त हो गई. प्रवासी मजदूर के मौत की खबर मिलते ही प्रशासन ने एहतियातन बच्ची के साथ तेलंगाना से लौटे मजदूरों को भी क्वारंटीन कर दिया. अपनी इकलौती बेटी की मौ’त की खबर लगते ही पिता आंदोराम मडकम और मां सुकमती मडकम जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचे. मौत के तीन दिनों बाद आज बच्ची के शव का पोस्टमार्टम बीजापुर में हुआ. जिसके बाद जमलो के श’व को उसके मां-बाप को सौंप दिया गया. जमलो के पिता आंदोराम मडकम ने बताया कि बच्ची को उल्टी-दस्त हुआ, पेट में भी दर्द था.

बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने बताया कि तेलंगाना से पैदल लौट रहे मजदूरों के दस्ते में से एक बच्ची की मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आयी. बच्ची के शव को बीजापुर लाने के साथ ही उनके साथ पैदल सफर कर रहे सभी मजदूरों को क्वारंटीन कर लिया गया. एहतियात के तौर पर शव का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल भी भेजा गया. जिसका रिपोर्ट निगेटिव आया. डॉ. पुजारी ने कहा कि गर्मी कि वजह से शरीर में इलेक्ट्रॉल इम्बेलेंस या पानी की कमी होने की से बच्ची की मौत हुई होगी. हालांकि पोस्टमार्टम का रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची के मौत का असल वजह का पता लग पायेगा.

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