Friday, December 9, 2022

रायपुर/ पैन कार्ड मांगने पर हिस्ट्री शीटरो में मची खलबली पहुँचे सभी थाने

छत्तीसगढ़ डाइजेस्ट न्यूज़ डेस्क :

पैन-आधार मांगने से हिस्ट्रीशीटरों में हड़कंप, आधे ही पहुंचे थाने दिनभर पुलिस लगी रही धरपकड़ में

रायपुर . पहली बार पुलिस की ओर से पैन-आधार नंबर और बैंक संबंधित जानकारी मांगने से जिले के हिस्ट्रीशीटरों, गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों में हड़कंप मच गया है। रविवार को आधे हिस्ट्रीशीटर ही थाने पहुंचे। कई जगह उनके घर जाकर उन्हें थाने लाना पड़ा। पुलिस के फरमान की जानकारी होने के बाद आधे से ज्यादा हिस्ट्रीशीटर गायब हो गए हैं। जिले के सभी थानों में दिनभर पुराने अपराधियों की पेशी हुई। देर शाम तक 377 पुराने अपराधी ही थाने पहुंचे जिनका रेकार्ड अपडेट हुआ है। बाकी थाने नहीं पहुंचे।

रायपुर जिले में 800 से अधिक अपराधी हैं। पुलिस पहली बार पुराने अपराधियों के रिकार्ड नए ढंग से अपडेट कर रही है। इसमें सभी को थाने बुलाकर उनके मोबाइल नंबर, पैन कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर, कामकाज और इनकम आदि का ब्यौरा मांगा गया है। पैन और आधार नंबर और तीन माह की ट्रेवल हिस्ट्री पहली बार मांगी जा रही है। अब तक पुराने अपराधियों के केवल नाम-पते और उंगलियों के निशान लिए जाते थे।

कोई ड्राइवर, तो कोई ठेकेदार :
थाने पहुंचे कई हिस्ट्रीशीटरों के मोबाइल नंबर ही अपडेट नहीं थे, तो कई के कामकाज की जानकारी नहीं थी। कुछ हिस्ट्रीशीटरों ने अपराध करना छोड़कर ठेकेदारी का काम शुरू कर दिया है। अपराधियों का देर शाम तक रिकार्ड अपडेट किया गया। इस दौरान पुलिस अफसरों ने हिस्ट्रीशीटरों को अपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत भी दी। हिस्ट्रीशीटरों का अपराधिक रिकार्ड के अलावा उनकी कई महत्वपूर्ण जानकारियां पहले क्राइम ब्रांच रखती थी। क्राइम ब्रांच के भंग होने के बाद इस तरह का रिकार्ड नहीं रखा जा रहा था। इससे अपराधियों को पकडऩे में कठिनाई होती थी। इस कारण थानों में रिकार्ड रखने की कवायद शुरू की गई है। इससे थाना स्तर पर सभी हिस्ट्रीशीटरों की जानकारी मिल सके।

पार्टी से जुड़े हिस्ट्रीशीटर नहीं पहुंचे :
राजधानी में कई हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं, जो किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं। पहले दिन ऐसे हिस्ट्रीशीटर थाने नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने ऐसे हिस्ट्रीशीटरों पर दबाव भी नहीं बनाया है। उन लोगों का रिकार्ड अपडेट करना भी पुलिस के लिए चुनौती हैं। दो दर्जन से अधिक हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनका सीधा-सीधा राजनीतिक दल से जुड़ाव है।

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