Tuesday, November 29, 2022

लॉकडाउन : केंद्र और राज्य सरकारों का सबसे ज्यादा फोकस रबी फसल की बिक्री सही तरीके से सही दाम पर हो

नई दिल्ली : कोरोना वायरस की महामारी के कारण देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच सरकार की 20 अप्रैल से कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) और उससे जुडी गतिविधियों पर विशेष नज़र रहेगी. केंद्र सरकार के मुताबिक खेतीबाड़ी से जुड़े काम की 20 अप्रैल से देश के कई हिस्सों में अनुमति होगी. इसके अलावा मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की अनुमति होगी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियमों का पालन करना होगा. रबी फसल की कटाई तेज़ी से चल रही है और अब केंद्र और राज्य सरकारों का सबसे ज्यादा फोकस इस बात पर होगा कि लॉकडाउन के दौरान किसान (Farmers) अपनी रबी फसल की बिक्री सही तरीके से सही दाम पर कर सकें.

रबी फसल की कटाई तेज़ी से चल रही है

कृषि मंत्रालय ने रविवार को जो ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक देश में रबी सीजन में कुल 310 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गयी थी जिसमें से 67% गेहूं के फसल की कटाई पूरी हो चुकी है. केंद्र सरकार से राज्यों से कहा है कि APMC कानून में सुधार किया जाये जिससे लॉकडाऊन के दौरान किसान अपनी फसल सीधे अपने गोदामों से खरीदारों को बेच सकें. 

कोरोना वायरस संकट पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था-एग्रीकल्चरल प्रोडूयस मार्केटिंग कमिटी यानी APMC कानून में बदलाव ज़रूरी होगा जिससे किसान अपनी फसल उत्पाद सीधे खरीदारों को बेच सकें. इससे मंडियों में भीड़ रोकने में मदद मिलेगी.किसान गोदामों से सीधे अपने उत्पाद को बेच सकेंगे. दरसअल लॉकडाउन के दौरान फसल को मंडी ले जाने में किसानों को आ रही शिकायतों के बाद भारत सरकार ने ये पहल शुरू करने का फैसला किया है. इस बारे में कृषि मंत्रालय 4 अप्रैल को सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर चुका है.

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