Sunday, August 14, 2022

10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, रायपुर-जगदलपुर हाईवे बंद; छत्तीसगढ़-तेलंगाना बार्डर पर सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। फिलहाल वहां से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन की ओर से महानदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पहाड़ों से लगातार पानी आने के चलते गंगरेल डैम 91 फीसदी तक भर गया है। राजनांदगांव में उफनता नाला पार नहीं कर पाने के कारण एक मरीज की मौत हो गई। वहीं रायपुर-कांकेर के बीच NH-30 पर चट्‌टान गिरने से जगदलपुर रूट बंद हो गया है। दूसरी ओर सुकमा के कोंटा शहर में पानी कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बाद अब दक्षिण बस्तर में हो रही बारिश भी कहर बनने लगी है। नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके चलते छत्तीसगढ़ से तीनों राज्यों का संपर्क अभी तक कटा हुआ है। हाईवे पूरी तरह से पानी में डूबा है। कई बड़े वाहन-ट्रक भी उसमें फंस गए हैं। इस दौरान सेना वहां फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर रही है। कोंटा से लगते तेलंगाना के भद्राचलम में पानी के चलते लोग बचने के लिए घरों की छत पर चले गए हैं।धमतरी में रविवार तड़के करीब 4 बजे से मूसलाधार बारिश जारी है। इसके चलते शहर के आमापारा वार्ड में कमर तक पानी भर गया है। लोग उस भरे हुए पानी में नाव चलाकर मस्ती कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी भरा हुआ है। दूसरी ओर नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। नगरी क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले में डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है।दूसरी ओर कांकेर में भी रात से लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण कांकेर के साथ ही चरामा और केशकाल से लगातार पानी आने से महानदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। गंगरेल डैम भी फुल होने की स्थिति में है। बताया जा रहा है कि 76 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। इसे देखते हुए रायपुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। उनके आने के बाद बांध के गेट खोल दिए गए हैं। अभी के अनुमान के मुताबिक, 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा,डैम से पानी छोड़ जाने का असर धमतरी के साथ ही रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार में भी पड़ेगा। ऐसे में प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे गांवों को अलर्ट कर दिया है। ग्रामीणों से नदी किनारे और उसके आसपास जाने से रोका जा रहा है। इसे लेकर जिले के SP और अन्य पुलिस अफसरों को सूचित किया गया है। उनसे कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर व्यवस्था करें। किसी भी तरह से जान या माल का नुकसान न हो पाए।वहीं बारिश के चलते लैंड स्लाइड का खतरा बढ़ने लगा है। कांकेर-रायपुर नेशनल हाईवे पर चरामा के आगे मरकटोला घाट में रविवार सुबह चट्‌टान टूटकर गिरी है। इसके चलते मार्ग पर जाम लग गया। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ है। सूचना मिलने पर चट्‌टान को हटाकर रास्ता साफ कराया गया है। इससे पहले भी यहां पत्थर गिरते रहे हैं। इसके अलावा चारामा के कुर्रुभाठ मार्ग को जोड़ने वाली सड़क बह गई है। इसे कई गांवों का संपर्क कट गया है।पिछले 5 दिनों से बारिश के चलते बाढ़ में फंसा सुकमा का कोंटा इलाका ने राहत की सांस ली है। तेलंगाना में गोदावरी का जल स्तर घटने से अब शबरी भी पीछे हट रही है। इसके कारण शहर में घुसा पानी कम होने लगा है। दोपहर बाद तक इसके तेजी से घटने के आसार हैं। इसके बाद डुबान क्षेत्र के लोग खुश दिख रहे हैं। हालांकि बिजली और मोबाइल सेवाएं ठप हैं। 5 दिनों से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र से संपर्क कटा हुआ है।कवर्धा के रेंगाखार कला तहसील क्षेत्र में शनिवार को तेज बारिश हुई। इसके चलते नदी-नाले उफान पर आ गए। बाढ़ में पुलिया के बह जाने से पीएम योजना के तहत बनी रेंगाखार- बरेंडा सड़क कट गई है। वहीं रेंगाखार हाईस्कूल परिसर में जलभराव हो गया है। खास बात यह है कि पखवाड़ेभर पहले ही गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री के शिविर में इसी जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने आवेदन दिया था, लेकिन दूर नहीं की गई।मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में एलर्ट जारी किया है। दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली भी गिर सकती है। इनमें दुर्ग और बालोद जिलों के लिए यलो अलर्ट है। जबकि कबीरधाम और राजनांदगांव के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर बस्तर में भी बारिश से अभी राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लिए ऑरेंज अलर्ट है। वहीं कांकेर और नारायणपुर के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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