
राज्य के प्राइवेट कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए इस बार सालाना कितनी राशि खर्च पड़ेगी? पिछली बार की तुलना में फीस बढ़ेगी या यथावत रहेगी। क्या इस बार बीएड की पढ़ाई का खर्च बढ़ेगा? ऐसे तमाम सवालों के जवाब जल्द मिलेंगे। दरअसल प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति, निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों की फीस का निर्धारण करती है।
इसका गठन हो चुका है। पिछले दिनों इसकी बैठक भी हुई। इसलिए संभावना बनी है कि इस बार नए सत्र से विभिन्न प्राइवेट कॉलेजों की नई फीस तय हो जाएगी। करीब डेढ़ साल बाद यह समिति गठित हुई है। पूर्व अध्यक्ष का पद खाली होने के बाद नई समिति कुछ दिन बनी है। इसलिए पिछले साल फीस का निर्धारण नहीं हुआ था।
प्राइवेट कॉलेजों ने पूर्व में निर्धारित फीस छात्रों से ली। अब नई फीस तय होगी। जानकारी के मुताबिक समिति की ओर से तीन साल के लिए फीस का निर्धारण किया जाता है। जिन संस्थानों की फीस तीन साल से ज्यादा हो चुकी है। उन संस्थानों के लिए नया शुल्क तय होगा। इसके लिए समिति कॉलेजों से विभिन्न तरह की जानकारी लेगी। संबंधित संस्थानों का निरीक्षण होगा। इसके बाद फीस तय होगी। 5 से 7 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।इनमें निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों की फीस का निर्धारण किया जाता है। तीन साल के लिए फीस निर्धारित होती है। यह समिति विभिन्न प्रकार के 34 कोर्स की फीस निर्धारित की जाती है। इन कोर्स में बीई, एमटेक, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, एमसीए, एमबीए, एमबीबीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस, बीएनवायएस, बीडीएस, एमडीएस, आर्किटेक्चर, बीपीटी, बीएड, बीपीएड, एमएड, बी.फार्मेसी, डी.फार्मेसी, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग समेत अन्य शामिल हैं।राज्य में करीब 145 कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई हो रही है। इनमें से 132 कॉलेजों की फीस 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के अनुसार तय की गई थी। यह फीस तीन कैटेगरी में थी। एक कैटेगरी के कॉलेज की फीस 29970, दूसरे कैटेगरी की फीस 30970 और तीसरे कैटेगरी के कॉलेज की फीस 31970 थी। पिछले सत्र यानी 2021-22 के अनुसार नई फीस का निर्धारण होना था। कोरोना काल में निर्धारण नहीं हुआ।