Sunday, August 14, 2022

प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में निराशा का संचार,कैबिनेट की बैठक में लंबित महंगाई भत्ते पर कोई निर्णय नही :-भूपेन्द्र सिंह बनाफर

बिलासपुर / कर्मचारी संगठनों के आपसी लड़ाई में कर्मचारियों का हुआ बंटाधार आज छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट की बैठक में फिर लंबित महंगाई भत्ते पर कोई निर्णय नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में निराशा का संचार हो गया है और अभी भी छत्तीसगढ़ के कर्मचारी संगठनों में गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है जब तक सभी कर्मचारी संगठन एक नहीं हो जाते और उन सबको अगर बराबर व्यवहार या सम्मान नहीं दिया जाता तो फिर इसका नतीजा सभी कर्मचारियों को ही भुगतना होगा इसलिए सभी कर्मचारी संगठन एक होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा करें ताकि इस विषय पर कोई सार्थक हल निकल सके तभी हम आगे बढ़े एवं अपनी आपस के वर्चस्व की लड़ाई को छोड़कर सभी एक हो जाएं और एक सार्थक निर्णय लें ! भूपेंद्र सिंह बनाफर प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक कल्याण संघ

तो वही कर्मचारी महासंघ ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला महासचिव ओ पी शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर आज 14 जुलाई की कैबिनेट की बैठक के निर्णयों पर घोर निराशा जाहिर करते हुए कहा है ऐसा प्रतीत होता है राज्य सरकार ने प्रदेश के पौने पांच लाख कर्मचारियों एवम सवा लाख पेंशनरो को मंगल ग्रह का प्राणी मान लिया है , महासंघ के प्रवक्ता संजय तिवारी ने बताया कि,राज्य मंत्री मंडल को तृतीय,चतुर्थ श्रेणी सहित अन्य कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते ,गृह भाड़ा भत्ता के पुनरीक्षण ,के लिए वित्तीय संसाधन शायद ना जुटा पा रही हो किंतु मंत्री गणों,माननीय विधायको ,अध्यक्ष उपाध्यक्ष ,नेता प्रतिपक्ष के वेतन भत्तों में वृद्धि कर महंगाई से राहत दी गई ,ऐसी ही राहत की उम्मीद प्रदेश के कर्मचारियों एवम पेंसनरो को भी थी जिन्हे घोर निराशा हुई है । इसी तरह स्थांतरण नीति 2022 के लिए मंत्री मंडलीय उपसमित का गठन किया गया ,इसके पहले एक फेडरसन की मांग पर महंगाई भत्ते ,सहायक शिक्षक संवर्ग की वेतन विसंगति ,लिपिको की वेतन विसंगति सहित कुछ अन्य मांगों को ले कर पिंगुआ कमेटी बनाई गई ,एक दो बैठक हुआ फोटो शूट हुआ किंतु उस कमेटी को अब उन कर्मचारी नेताओं ने भी भुला दिया जो बढ़ चढ़ कर फोटो खिंचवाते थे , आज की कैबिनेट ने पुलिस विभाग के सहायक आरक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की बात तो करती है किंतु वह भी तब जब डिस्ट्रिक्ट स्ट्राइक फोर्स का गठन होगा ,,इस तरह कर्मचारियों पेंसनरों को घोर निराश होना पड़ा है ,,छत्तीस गढ़ महंगाई संघर्ष मोर्चा के सदस्यों अनिल शुक्ला , ओ पी शर्मा,संजय शर्मा, करण सिंह अटेरिया , डा जितेंद्र सिंह,कमलेश सिंह राजपूत डा गोकुल सरकार,शिव कुमार पांडेय , संजय दुबे, विकास सिंह राजपूत,पी आर साहू ,संजय तिवारी ,देवी प्रसाद ध्रुव ,मुन्ना लाल निर्मलकार, आलोक मिश्र , एस पी देवांगन ,सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने चार पांच दिन के आंदोलन की बजाय सामूहिक नेतृत्व में अनिश्चित कालीन हड़ताल करने का आह्वान किया है ,समग्र हड़ताल व्यापक नेतृत्व से ही केंद्र के समान 34% मंहगाई भत्ता एरियर्स सहित मिल सकेगा ,एकल फेडरेशन एकल नेतृत्व चार दिन के आंदोलन से प्रदेश के कर्मचारियों को कुछ हासिल नहीं होगा ,,मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत,विद्यालयीन कर्मचारी संघ के संजय तिवारी ने कहा की जब सत्ता पक्ष एवम प्रतिपक्ष मिल कर अपना अपना वेतन भत्ता बढ़ा ले रहे तो अनिल शुक्ला एवम कमल वर्मा को भी संयुक्त मंच बना कर अनिश्चित कालीन आंदोलन कर 34% मंहगाई भत्ते एवम गृह भाड़ा भत्ता के पुनरीक्षण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए ,। बताया जाता है की आज एक दो दिन में इस आशय का प्रस्ताव सभी संघों के प्रांतीय अध्यक्ष जनो के पास भेजा जा रहा है जिससे व्यापक नेतृत्व में अनिश्चित कालीन आंदोलन किया जा सके , उक्त जानकारी महासंघ के प्रवक्ता संजय तिवारी ने एक बयान में दी।

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