Chhattisgarh Digest News Desk ; Edited by : Nahida Qureshi, Farhan Yunus.
रायपुर। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए बस मालिकों ने राज्य सरकार से राहत पैकेज देने का अनुरोध किया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को पत्र लिखा है। इसमें जनजीवन सामान्य होने तक टैक्स माफ करने, डीजल में 50 फीसदी वैट में छूट देने और किराया बढ़ाने की मांग की गई है। साथ ही महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार द्वारा टैक्स माफी का हवाला दिया गया है। वहीं सहयोग नहीं करने पर यात्री बसों के संचालन पर असमर्थता जताई है।

महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा ने बताया कि यात्रियों के नहीं मिलने के बाद भी वह बसों का संचालन कर रहे थे। लेकिन, लगातार नुकसान के बाद अब वह इस स्थिति में नहीं रह गए है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद दोबारा इसे चला सके। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा ऑपरेटरों की मांगों का निराकरण दिए जाने के आश्वासन पर 5 जुलाई से बसों को शुरू किया गया था।
संचालन के लिए कर्ज लिया
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बसों का बीमा, टैक्स, किश्त की राशि अदा करने वह कर्ज में डूब गए है। लॉकडाउन खुलने पर बसों का संचालन करने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारो से उधार लिया था। लेकिन, दोबारा ल़ॉकडाउन करने से वह मुसीबत में फंस गए है। उनसे लिए गए कर्ज चुकाने के लिए अब उनकी बस भी बाकी बची हुई है। बताया जाता है कि लगातार बढ़ रहे कर्ज को देखते हुए अधिकांश छोटी बसों के मालिक खुद ही अपनी वाहनों को चला रहे थे।
महासंघ के उपाध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि राज्य सरकार को पत्र लिखकर सहायता मांगी है। कारोबार बंद होने के कगार पर यातायात महासंघ के पदाधिकारियों की पिछले दिनों राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान लगातार नुकसान में चल रहे कारोबार को बचाने के लिए कर्ज की रकम चुकाने के लिए राज्य सरकार से मदद मांगने का फैसला लिया गया है। इस बैठक में रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कवर्धा और बिलासपुर सहित अन्य जिले के कारोबारी शामिल हुए थे।
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