Sunday, August 14, 2022

NEET विवाद : परीक्षा सेंटर पर लड़कियों को मजबूरी में उतारने पड़े अंतःवस्त्र, शिकायत को कहा – “आधारहीन…”

रविवार को केरल के कोल्लम में एक परीक्षा सेंटर पर आरोप लगे हैं कि यहां परीक्षा देने पहुंची लड़कियों को ब्रा निकालने को मजबूर किया गया. केरल की एक मंत्री ने भी इस मामले में केंद्र से एक्शन लेने की अपील की है. कथित रूप से इस घटना का सामना करने वाली एक अभ्यर्थी के पिता ने पुलिस में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, केंद्र की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है.

यह विवाद सोमवार को तब सामने आया, जब पहली बार नीट की परीक्षा दे रही 17 साल की एक लड़की के पिता ने मीडिया को बताया कि उनकी बच्ची को तीन घंटों तक एग्जाम हॉल में बिना इनरवियर (ब्रा) के बैठे रहने को मजबूर किया गया, जिससे वो अभी तक उबर नहीं पाई है.

पिता का आरोप है कि अभ्यर्थी को तब ब्रा निकालने को कहा गया, जब कोल्लम स्थित मार थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अपने एग्जाम सेंटर वो सिक्योरिटी चेक से गुजर रही थी और उसके ब्रा में लगे मेटल हुक के चलते मशीन बीप करने लगी.

पिता ने अपनी शिकायत में बताया है कि सुरक्षा कर्मचारियों ने लड़की को कहा, “तुम्हारे लिए तुम्हारा अंत:वस्त्र बड़ा है या तुम्हारा भविष्य?” इस शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि “यहां लगभग 90 फीसदी छात्राओं को अपने अंत:वस्त्र निकालकर एक स्टोररूम में रखने को मजबूर किया गया.”

कोल्लम के नीट एग्जाम सेंटर के सुपरिटेंडेंट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से आरोपों पर कहा है कि जो शिकायत दर्ज कराई गई है वो “आधारहीन है और इसके पीछे गलत इरादे छुपे हुए हैं.”

परीक्षा केंद्र ने इन आरोपों को खारिज किया है, वहीं दूसरी ओर यह एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि “अभ्यर्थी के परिवार की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं, NEET के ड्रेस कोड में ऐसी कोई गतिविधि की अनुमति ही नहीं है.”

केरल की शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक चिट्ठी लिखकर उन पर कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने लड़कियों को एक्जाम हॉल में जाने के लिए पहले ब्रा उतारने पर मजबूर किया.

मंत्री ने इस घटना पर हैरानी और डर जताते हुए इसे “छात्राओं के आत्मसम्मान और शीलता का शोषण” बताया.

केरल की मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा कि “इस हैरान करने वाली घटना ने छात्राओं को मानसिक रूप से प्रभावित किया और उनकी परफॉर्मेंस का टेस्ट में असर पड़ा है.” उन्होंने कहा, “मैं रिकॉर्ड में रखने के लिए यह लिख रही हूं कि ऐसे अमानवीय व्यवहार के लिए इस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिसकी जिम्मेदारी बस निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कंडक्ट कराने की है.”

केरल पुलिस ने इस सेंटर पर सिक्योरिटी चेक करने वालों और कथित रूप से लड़कियों को उनकी ब्रा निकालने को कहने वालों के खिलाफ एक केस दर्ज किया है.

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