बिलासपुर : शहर के श्रीराम अस्पताल में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में सोमवार को तहसील कार्यालय में तीन -तीन के समूह में कुल 12 लोगों की शिनाख्ती परेड हुई। करीब दो घंटे की मशक्त के बाद लड़की ने दो वार्ड ब्वाय की पहचना की है। पहचान के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दो वार्डव्वाय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइन पुलिस दोनों संदेहियों को लेकर सिविल लाइन थाना रवाना हो गयी है। पुलिस सूत्र के अनुसार अब दोनों संदेहियों की कड़ाई से पूछताछ होगी।

उल्लेखनीय है कि पीड़िता को 18 मई को इलाज के लिए श्रीराम केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 और 22 की दरमियानी रात उसके साथ रेप हुआ है। 22 मई को पीड़िता ने अपने पिता और माता से लिखित शिकायत कर बताया कि उसके साथ दो वार्डव्बाय ने रात में रेप किया है। पिता ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की। पुलिस ने अपराध दर्ज किया। इसके बाद लड़की की हालत ज्यादा बिगड़ने पर 24 मई को अपोलो में भर्ती किया गया। करीब एक सप्ताह पहले अपोलो में न्यायिक मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार तुलसी मंजरी साहू ने लड़की के बयान को दर्ज किया था। पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को शरीर के निशान दिखाए। पीड़िता ने बयान में दर्ज कराया कि दो लोगों ने उसके साथ अनाचार किया है। हालत ठीक नहीं होने के कारण लड़की के पिता ने अपोलो से डिस्चार्ज होने के बाद एक सप्ताह की शिनाख्ती परेड की मोहलत मांगी थी।
सोमवार को 10 बजे तहसील कार्यालय में 12 लोगों को शिनाख्ती परेड में पेश किया गया। बताया जा रहा है कि शिनाख्ती परेड में शामिल सभी लोग श्रीराम केयर अस्पताल के कर्मचारी थे। इसमें से लड़की की पहचान के बाद पुलिस ने दो लोगों हिरासत में लिया है।
शिनाख्ती परेड के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट तुलसी मंजरी साहू ने कहा कि दो संदेहियों के साथ दस अन्य लोगों को शिनाख्ती परेड में शामिल किया गया है। इसमें से पांच लोग घटना के दिन मौजूद थे। लड़की ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। रिपोर्ट बन्द लिफाफे में सिविल लाइन थानेदार के हवाले कर दिया गया है। श्रीराम प्रबंधन का दावा है कि संदेही लोग उसके कर्मचारी नहीं है। एडिशनल एसपी ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि दो संदेहियों को शिनाख्ती परेड के बाद लाया गया है।
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