Chhattisgarh Digest News Desk ; Edited by : Nahida Qureshi, Farhan Yunus.
रायपुर। भगवान राम के ननिहाल कौशल्या माता के मंदिर की मिट्टी लेकर अयोध्या रवाना हुए गौ भक्त फैज खान को लेकर विवाद हो गया है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फैज के हाथों मिट्टी लेने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिम के हाथ की मिट्टी राम जन्मभूमि भूमिपूजन में शामिल नहीं की जानी चाहिए। वहींं, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव संपत राय ने स्पष्ट किया कि मिट्टी मां है। किसी मुस्लिम के छूने से अशुद्ध नहीं हो जाती है। हर व्यक्ति अपनी आस्था से अपना योगदान मंदिर निर्माण में दे रहा है।

वाराणसी के श्री विद्यामठ में शंकराचार्य के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हिंदुओं के लंबे संघर्ष और एकजुटता के बाद संभव हो पाया है। किसी मुस्लिम के हाथ की मिट्टी भूमि पूजन में शामिल नहीं की जानी चाहिए। सरस्वती ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ट्रस्ट के निर्माण में भेदभाव कर रही है। इसको लेकर रामालय ट्रस्ट अब अदालत का रुख करेगा। वहीं संपत राय ने दो टूक कहा कि मुस्लिम राम भक्तों की मिट्टी पवित्र है।
राय ने कहा कि मंदिर का निर्माण मिट्टी से नहीं हो रहा है। मिट्टी निमित्त मात्र है। मुस्लिम युवक केवल मिट्टी लाने का काम कर रहा है। मिट्टी हमारी मां है। उन्होंने सवाल किया कि किसी के लाने से मिट्टी अशुद्ध हो जाती है क्या? राय ने कहा कि यह निरर्थक सवाल है। यह समाज के अंदर झगड़े पैदा करने की मानसिकता को दिखाता है। इससे पहले संपत राय ने स्पष्ट किया कि जिस मिट्टी पर हम चलते हैं, उसी मिट्टी पर मुस्लिम भी चलते हैं, तो क्या वह मिट्टी अपवित्र हो जाएगी। या फिर हम अपवित्र मिट्टी पर चल रहे हैं।
14 दिन की पदयात्रा करके अयोध्या पहुंचेंगे फ़ैज़
रायपुर के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर की मिट्टी लेकर फैज 23 जुलाई को अयोध्या के लिए रवाना हुए हैं। फैज पांच अगस्त को राम जन्मभूमि भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे और माता कौशल्या मंदिर की मिट्टी समर्पित करेंगे।
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