Wednesday, May 22, 2024

तेजप्रकाश चन्द्राकर की संपत्ति को मंडी अपने कब्जा में रखने संबंधित इश्तहार प्रकाशित करे

तेजप्रकाश चन्द्राकर के सम्पत्ति कुर्की कर किसानों को होगी भुगतान

अपीलीय अधिकारी ने जारी किया है आदेश

तेजप्रकाश चन्द्राकर की संपत्ति को मंडी अपने कब्जा में रखने संबंधित इश्तहार प्रकाशित करे

फर्म महामाया एग्रोटेक एवं साईकृपा राईस मिल साराडीह का है मामला

कार्यवाही को प्रभावित करने मंडी सचिव का तबादला करने की साजिश

महासमुन्दः 20/12/2022- अपीलीय अधिकारी प्रबंध संचालक, छ0ग0 राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड रायपुर ने फर्म महामाया एग्रो टेक एवं साई कृपा राईस मिल के संचालक तेजप्रकाश चन्द्राकर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर रिट याचिका क्रमांक WPC/4567/2021 के निर्णय के परिपालन में विषय वस्तु प्रकरण के विवेचना, कारण, निष्कर्ष के साथ दिनांक 29.11.2022 को निर्णय पारित कर कृषि उपज मंडी समिति महासमुंद के द्वारा दिनांक 05.11.2020 के निर्णय आदेश को स्थिर रखते हुए तेजप्रकाश चन्द्राकर के अपील को खारिज कर दिया है तथा उनके सम्पत्ति को कुर्की कर किसानो के विक्रय धान का भुगतान करवाने के लिए जिला कलेक्टर महासमुन्द, अनुविभागीय अधिकारी (रा) महासमुन्द तहसीलदार महासमुन्द तथा अध्यक्ष/सचिव कृषि उपज मंडी समिति महासमुद को समय सीमा के भीतर निर्णय का सक्ती से पालन करने आदेशित किया है।
गौरतलब है कि 57 किसानों का प्रकरण श्री तेजप्रकाश चन्द्राकर के विरूद्व दर्ज है। प्रकरण में राशि 1,61,75,282.00 रुपये का भुगतान किसानों को करना बाकी है। तेजप्रकाश चन्द्राकर द्वारा इस प्रकरण पर मंडी प्रशासन तथा मंडी बोर्ड की फैसले के विरूद्व दो बार माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका WPC 4370/2019 और WPC 14567 / 2021 दायर किया जा चुका था दोनो बार माननीय उच्च न्यायालय ने उनके अपील को पुनः विवेचना जांच कर अपीलीय अधिकारी प्रबंध संचालक को भेजकर अंतिम निर्णय करने आदेशित किया था ।
मामला यह है कि श्री तेजप्रकाश चन्द्राकर फर्म महामाया एग्रो टेक एवं साईकृपा राईस मिल साराडीह का संचालक है जिन्होंने 57 किसानों से वर्ष 2016-17 एवं 17-18 में समर्थन मूल्य दर पर तथा भुगतान विलंब से होने पर प्रति क्विटल 25 रूपये का अतिरिक्त राशि भुगतान का लालच प्रलोभन देकर मंडी एक्ट के विपरीत धान खरीदी किया था। क्रय-विक्रय का प्रमाण हस्तलिखित सादे पेपर में अपने हस्ताक्षर युक्त सौदा पेपर बनाकर किसानों को पकड़ा दिया था तथा मंडी प्रशासन से मिलीभगत कर मंडी के वैध पुस्तिका पक्की रसीद सौदा पत्रक पर्ची, भुगतान पत्रक पर्ची मे छलकपट कर किसानों का स्वयं फर्जी हस्ताक्षर करके क्रय विक्रय का दस्तावेज तैयार कर भुगतान होने का प्रमाण मंडी कार्यालय में जमा करवाया है जो धारा 420, 467,468 का अपराधिक प्रकरण की श्रेणी मे आता है। तेजप्रकाश के विरूद्व इस प्रकरण पर पुलिस थाना महासमुंद में दर्ज है तब से आज तक आरोपी तेजप्रकाश चन्द्राकर फरार है सूत्रो के अनुसार तेजप्रकाश चन्द्राकर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर जमानत याचिका खारिज हो चुका है।
आज पत्रकार वार्ता आयोजित कर *जागेश्वर जुगनू चन्द्राकर *9826670740* किसान भुगतान संघर्ष समिति महासमुन्द के संयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य महासमुन्द, तेजराम विद्रोही संयोजक मंडल सदस्य छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ, किसान भुगतान संघर्ष समिति महासमुन्द के सदस्यगण शंकर (सुरेश) चन्द्राकर, भरत चन्द्राकर, पवन चन्द्राकर एवं बिसहत चन्द्राकर ने कहा कि हम पिछले चार साल से किसानों को बकाया भुगतान के लिए लगातार संघर्ष कर रहें हैं। तेजप्रकाश चन्द्राकर द्वारा किसानों को भुगतान देने से बचने के लिए कई प्रकार के षडयंत्र रचे गये, माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर कर किसानों को ही गलत साबित करने की कोशिश की गई। हम किसानों को माननीय न्यायालय पर पूर्ण भरोसा था जिसे कायम रखते हुए अपीलीय अधिकारी प्रबंध संचालक, छ0ग0 राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड रायपुर ने तेजप्रकाश चन्द्राकर के अपील को खारिज कर उनके सम्पत्ति कुर्की कर किसानों का बकाया भुगतान करने आदेश पारित किया है। आदेश पारित हुए आज बीस दिन गुजर चुका है लेकिन किसानों को भुगतान अब तक नहीं किया गया है और न ही मंडी द्वारा तेजप्रकाश चन्द्राकर की संम्पत्ति को अपने कब्जे में रखने का इश्तहार प्रकाशित किया है। जानकारी मिल रही है कि मंडी सचिव को कहीं और तबादला किया जा रहा है इससे निलामी की प्रक्रिया में विलंब होगी मंडी सचिव का तबादला के पिछे क्या राज है यह सवाल बना हुआ है क्योंकि एक तरफ पुलिस प्रशासन अब तक तेजप्रकाश चन्द्राकर को तलाश कर रही है तो दूसरी ओर तेजप्रकाश चन्द्राकर फरार रहते हुए सारे हथकंडे अपना रहा है। अपीलीय अधिकारी के फैसले से किसानों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है परंतु कार्यवाही में विलंब और मंडी सचिव की तबादले से किसानों को संशय है कि समय सीमा के भीतर कार्यवाही होगी या नहीं। अगर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है किसान उग्र कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। जिला कलेक्टर महासमुन्द, अनुविभागीय अधिकारी (रा) महासमुन्द, तहसीलदार महासमुन्द तथा अध्यक्ष/सचिव कृषि उपज मंडी समिति महासमुद से आह्वान है कि अपीलीय अधिकारी प्रबंध संचालक, छ0ग0 राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड रायपुर द्वारा दिये गये निर्णयानुसार तेजप्रकाश चन्द्राकर की संपत्ति को मंडी अपने कब्जा में रखने संबंधित इश्तहार प्रकाशित कर नीलाम कर किसानों को उनका बकाया भुगतान शीघ्र करावें।

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