Chhattisgarh Digest News Desk ; Edited by : Nahida Qureshi, Farhan Yunus.
तखतपुर ब्लॉक के मेढ़पार में शनिवार को 47 गायों की मौत दम घुटने के कारण ही हुई थी, इस बात की पुष्टि रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई।
बिलासपुर. जिले के तखतपुर ब्लॉक के मेढ़पार में शनिवार को 47 गायों की मौत दम घुटने के कारण ही हुई थी। इस बात की पुष्टि रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। डॉक्टरों की टीम ने पीएम रिपोर्ट में कहा है, किसी भी मवेशी को संक्रामक रोग नहीं पाया गया है। वहीं कलेक्टर द्वारा गठित जांच टीम रविवार को मेढ़पार गांव पहुंची, जहां उसने दो दर्जन ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।

अधिकारियों का कहना है, जिस स्थल पर 60 मवेशियों को रखा गया था उस जगह पर बमुश्किल से एक दर्जन जानवरों को रखने की ही जगह है। दूसरी ओर रविवार को ही प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राम सुंदर दास मेढ़पार गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 47 गायों की मौत के लिए गांव के सरपंच, सचिव के अलावा जनपद सदस्य जिम्मेदार हैं। रविवार को अपर जिला कलेक्टर बीएस उइके, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं रमेश कुमार सोनवाने,प्रभारी उपसंचालक कृषि शंशाक शिंदे रविवार को दोपहर 2 बजे ग्राम मेढ़पार पहुंचे।
सरपंच, सचिव और जनपद सदस्य जिम्मेदार : महंत रामसुंदर दास
राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास रविवार को बिलासपुर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। बिलासपुर लौटकर उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अपनी व्यवस्था के तहत पशुओं को पंचायत भवन में बंद कर दिया था लेकिन इनकी संख्या ज्यादा हो गई थी इसलिए मौत हो गई। इसके लिए सरपंच, सचिव और जनपद सदस्य जिम्मेदार है।
डॉ.ए.के. चौरसिया, पशु चिकित्सक, बिलासपुर –
सभी मवेशियों की मौत दम घुटने से हुई है। इनमें संक्रामक बीमारियों के लक्षण नहीं पाए गए।
बी.एस. उइके, अपर कलेक्टर व अध्यक्ष-जांच समिति, बिलासपुर –
47 मवेशियों की मौत को लेक रविवार को गांव के दो दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए गए है।
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