Sunday, July 3, 2022

उच्च स्तरीय बैठक में अमित शाह – रैपिड एंटीजन टेस्ट, जो कोई भी कराना चाहता है, उसका टेस्ट करें

नई दिल्ली :  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस के रैपिड एंटीजन टेस्ट को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया. उन्होंने टेस्टिंग के इस अभियान में भाग लेने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सभी अधिकारियों से कहा कि जो कोई भी टेस्ट कराना चाहता है, उसका टेस्ट करें. अमित शाह ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कोरोनो वायरस की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एनसीआर को एक क्षेत्र के रूप में माना जाए.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस के रैपिड एंटीजन टेस्ट को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक समाचार चैनल को बताया कि “एक लाख यूनिट दी गई हैं और सभी को परखने के लिए निर्देश दिए गए हैं.” उनके अनुसार शाह ने अधिकारियों से पूरे एनसीआर को एक क्षेत्र के रूप में मानने के लिए कहा. वे कहते हैं कि “नीति और प्रोटोकॉल के मामले में कोई अंतर नहीं होना चाहिए और यह सभी वरिष्ठ अधिकारियों के लिए स्पष्ट किया गया था.” 

गृह मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा है कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में कितने वेंटिलेटर और आईसीयू उपलब्ध हैं ? अधिकारी ने बताया कि “ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता और अस्पतालों का आकलन भी किया जा रहा है. रिपोर्ट सौंपी जाएगी.” 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव, एनसीआर के जिलों के वरिष्ठ अधिकारी और गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया.

दिल्ली और एनसीआर के जिलों के बीच लोगों की आवाजाही को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. NCR में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिले शामिल हैं. इनमें सबसे प्रमुख रूप से गुरुग्राम, फरीदाबाद (दोनों हरियाणा में), गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद (दोनों उत्तर प्रदेश) और अलवर (राजस्थान) हैं.

हरियाणा ने अपनी सीमाएं खोल दी हैं लेकिन लोगों को अभी भी उत्तर प्रदेश में जाने-आने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि राज्य प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखे हैं. गत 4 जून को सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में सभी सीमाओं पर अंतर-राज्य आवागमन को आसान बनाने के लिए केंद्र को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की बैठक बुलाने के लिए कहा था.

यह भी देखा गया कि एनसीआर के लिए इस संबंध में एक सुसंगत नीति होनी चाहिए. 12 जून को शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वे संस्थागत क्वारंटाइन पर नोएडा प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों की व्याख्या करें, यह देखते हुए कि वे राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार “अनुरूप” नहीं हैं.

केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि केंद्रीय गृह सचिव ने एनसीआर में आवाजाही पर प्रतिबंध के मुद्दे से निपटने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों के साथ 9 जून को एक संयुक्त बैठक बुलाई थी.

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