Monday, November 28, 2022

BJP-Congress में जुबानी जंग तेज, जे.पी. नड्डा के चीन डोनेशन आरोपों पर चिदंबरम का जवाबी हमला…..

नई दिल्ली : राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) को चीन से डोनेशन मिलने के आरोपों को लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) में जुबानी जंग तेज हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा राहुल गाँधी और गांधी परिवार पर निशाना साधने के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने बीजेपी पर जवाबी हमला किया है. पी चिदंबरम ने बीजेपी अध्यक्ष पर आधा सच बोलने का आरोप लगाया है. 

P Chidambaram (file photo)

चिदंबरम ने शनिवार को अपने ट्वीट में लिखा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा अर्धसत्य बोलने में माहिर हैं. मेरे सहयोगी रणदीप सुरजेवाला ने कल उनकी आधी सच्चाई उजागर की. उन्होंने आगे कहा, “आरजीएफ को 15 साल पहले मिले अनुदान को मोदी सरकार की निगरानी में 2020 में चीन का भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ से क्या करना है”

चिदंबरम ने कहा, “मान लीजिए कि आरजीएफ 20 लाख रुपये लौटा देती है, तो क्या पीएम मोदी देश को भरोसा दिलाएंगे कि चीन अपना अतिक्रमण खाली करेगा और यथास्थिति बहाल करेगा? मि. नड्डा, वास्तविकता के साथ आने के लिए, उस अतीत में नहीं रहते जो आपके आधे-अधूरे सच से विकृत है. कृपया भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ पर हमारे सवालों के जवाब दीजिए.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके परिवार पर हमला करते हुए कहा था कि 2017 में डोकलाम स्टैंडऑफ के समय राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ गुपचुप मुलाक़ात करते हैं और उनकी पार्टी देश को इस पर गुमराह करती है. इससे एकदम आगे बढ़ते हुए आज एक नई जानकारी सामने आई. राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से डोनेशन मिला था.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी से सवाल है कि 2008 में पार्टी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एमओयू किया, जिसमें राहुल गांधी ने हस्ताक्षर किए और सोनिया गांधी पीछे खड़ी थीं, पार्टी टू पार्टी रिश्ता क्यों बना? कांग्रेस पार्टी यह बताए कि मनमोहन सिंह की सरकार के 10 साल में ऐसे कितनी पार्टियों के साथ एमओयू साइन किए हैं?” उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए डोनर की सूची 2005-06 की है. इसमें चीन की एम्बेसी ने डोनेट किया, ऐसा साफ है. ऐसा क्यों हुआ, क्या जरूरत पड़ी है? इसमें कई उद्योगपतियों, पीएसयू के भी नाम हैं. क्या ये काफी नहीं था कि चीन एम्बेसी से भी रिश्वत ली गई.

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