Wednesday, May 22, 2024

Breaking News : क्या है झारखंड का भूमि घोटाला, गिरफ्तार आईएएस\IAS अधिकारी छवि रंजन पर कितने गंभीर हैं आरोप?

झारखंड में ईडी के निशाने पर हैं आईएएस अधिकारी. एक साल में यहां दो आएएएस अधिकारी ईडी के शिकंजे में आ चुके हैं. एक पर सेना की जमीन की खरीद बिक्री में घोटाले का आरोप है तो दूसरे का नाम मनरेगा घोटाला में शामिल है.

भूमि घोटाले में गिरफ्तार झारखंड के आईएएस अधिकारी छवि रंजन (IAS officer Chhavi Ranjan) को छह दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है. हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से छवि रंजन की 10 दिनों की हिरासत मांगी थी. लेकिन छह दिनों की हिरासत मिली. छवि रंजन के वकील का कहना है कि उन्हें 12 मई को फिर से पेश किया जाएगा.

रांची के पूर्व आयुक्त छवि रंजन को करीब 10 घंटे तक पूछताछ के बाद गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने इससे पहले 24 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में छवि रंजन से कई घंटे पूछताछ की थी. इसके अलावा उनके झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी.

छवि रंजन पर क्या क्या है आरोप?

दरअसल ईडी रांची में एक सिंडिकेट के खिलाफ जांच कर रही है. जिस पर रांची में 4.5 एकड़ रक्षा भूमि के सौदों में गड़बड़ी करने का आरोप है. आरोप के मुताबिक इस सिंडिकेट ने सेना की उस जमीन को फर्जी तरीके से पश्चिम बंगाल की एक कंपनी को बेच दिया. ईडी के मुताबिक आईएएस अधिकारी छवि रंजन ने काजगों की हेराफेरी में भूमिका निभाई और करोड़ों कमाये.

ईडी के मुताबिक रक्षा भूमि मूल रूप से बीएम लक्ष्मण राव की थी, जिन्होंने आजादी के बाद इसे सेना को सौंप दिया था. सिंडिकेट ने फर्जी दस्तावेज बनाए और गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक प्रदीप बागची को फर्जी मालिक बनाया. इसके बाद जमीन को पश्चिम बंगाल की एक कंपनी जगतबंधु टी एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया गया.

एक साल में दूसरे आईएएस गिरफ्तार

ईडी ने एक साल के भीतर झारखंड-कैडर के दूसरे आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है. पिछले साल 11 मई को, 2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को झारखंड के कुंती जिले में मनरेगा घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. वह साल 2008-09 में खूंटी के उपायुक्त के रूप में तैनात थीं.

छवि रंजन से पहले ईडी ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनके नाम हैं: प्रदीप बागची, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, इम्तियाज अहमद, तल्हा खान, भानु प्रताप प्रसाद और फैयाज खानंगले. भानु प्रताप प्रसाद और अफसर अली झारखंड सरकार के कर्मचारी हैं, जबकि अफसर अली एक सरकारी अस्पताल में कर्मचारी हैं. ईडी का दावा है कि ये लोग दस्तावेजों और रिकॉर्ड को ‘फोर्जिंग और टेंपरिंग’ करने में शामिल थे.

कौन हैं आईएएस अधिकारी छवि रंजन?

छवि रंजन वर्तमान में समाज कल्याण निदेशक के रूप में कार्यरत थे. उन्हें हेमंत सोरेन का भी करीबी माना जाता है. वह साल 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें झारखंड कैडर मिला था. उनकी पहली पोस्टिंग SDO के तौर पर चक्रधरपुर में हुई थी. साल 2015 में वह कोडरमा के जिला अधिकारी बने. उनके बारे में कहा जाता है वो अपने कई फैसलों को लेकर अक्सर विवादों में रहे हैं.

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